तु जिना सिख ले… 

वक्त नही सोयेगा, 

तु जगना सिख ले। 

मुश्किलें कम ना होनेवाली , 

तु लडना सिख ले।। 

जिंदगी ना सिखायेगी रोना, 

तु हसना सिख ले।।।

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रिमोट जनता के हाथ – काम बोलता है।। 

           लोग कहते हैं, राजनीति की असली उठापटक 2014 में हुई। मोदी लहर कहो या देश का बदलता मिजाज, ‘काम बोलता है’ ये तो मानना ही पड़ेगा। कांग्रेस को पछाड़ते हुए बीजेपी ने कमल खिलाया और लगा मानो जैसे ‘अंधेरा छटा और कमल खिला’। मोदीजी प्रधानमंत्री बने और कुछ मजबूत कदम उठाए अब जनता को मार्क देना था, और जनता ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी का कमल खिलाया।। 

          उत्तर प्रदेश में यादव और गांधी दोनो मिलकर मोदी लहर से लड़ने में लगे रहे और मोदी लहर ने यादव, गांधी के साथ साथ मायावती को भी पछाड़कर अपना कमल खिलाया।  

           वैसे तो इन चुनावों में राम मंदिर, डीमोनिटाएजन, सर्जिकल स्ट्राईक और गधे छाए रहे। अब नतीजों के बाद लगता है जैसे विदेशों में पढे लिखे दो युवकों को देसी गधों ने पछाड़ दिया। और रही बात दलित – दलित कर के वोटों की भीक मांगने वालो की और मायनॉरिटी कार्ड खेलने वालों की तो जनता ने इसबार सबको साफ कर दिया। सही मायनों में ये जनता की जीत है, जनता ने उन सभी पार्टियों को करारा जवाब और सबक दिया है। जनता ने साफ साफ बता दिया की अबसे ना तो जात मानी जायेगी, ना धर्म और ना ही परिवार, माना जायेगा तो सिर्फ काम। 

         अब जब बीजेपी उत्तर प्रदेश में आ गई है तो, बीजेपी की ये जिम्मेदारी बनती है की कुशल मुख्यमंत्री हो। उत्तर प्रदेश में कानून मजबूत हो, राजनीतिक दंगो पर अंकुश लगाने का काम हो और सबसे बडी बात राम मंदिर का शांतिपूर्ण निर्माण हो। वरना जनता फिर पांच साल बाद अपना मार्किंग सिस्टम ले कर आ जायेगी और काम तो आखिर बोलता ही है।।  

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